LATEST NEWS
*प्रकाशनार्थ* : *कम्युनिस्ट-इस्लामिक साज़िशों का हौवा*
*(आलेख : एम.ए. बेबी)*
*प्रेस विज्ञप्ति* लैलूंगा के लारीपानी कन्या छात्रावास में लापरवाही का आरोप! पत्रकारों, एक्टिविस्टों और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के खिलाफ शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग *ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए पात्र किशोरियों का हो रहा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण* ग्राम बंगुरसिया मेन रोड किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव साइन बोर्ड पर लटका मिला, जांच में जुटी चक्रधरनगर... *प्रकाशनार्थ* : *बतौर मछुआरा भी हो महिलाओं की पहचान* उद्योगों से जुड़े लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें : कलेक्टर* जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाएं, लंबित योजनाएं समय-सीमा में करें पूर्ण : कलेक्टर श्री मयंक चतु... प्रेस विज्ञप्ति*
October 16, 2026

अम्बिकापुर में सरकारी भूमि पर निर्माण रोकने के निर्देश, 20 मार्च तक कब्जा हटाने का अल्टीमेटम—अन्यथा होगी एकपक्षीय कार्रवाई

Spread the love

अम्बिकापुर में सरकारी भूमि पर निर्माण रोकने के निर्देश, 20 मार्च तक कब्जा हटाने का अल्टीमेटम—अन्यथा होगी एकपक्षीय कार्रवाई

⸻

अम्बिकापुर/सरगुजा | विशेष रिपोर्ट
सरगुजा संभाग से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग और प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण कराने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया है और निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

⸻

शिकायत के बाद खुला मामला

मामले की शिकायत जितेन्द्र कुमार जायसवाल द्वारा की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि ग्राम अजीरमा (पटवारी हल्का नंबर-56) स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 74/1, रकबा लगभग 2.480 हेक्टेयर में से करीब 0.700 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।

आरोप है कि प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती द्वारा उक्त जमीन पर शेड निर्माण, बाउंड्री (प्रिकार) निर्माण और मक्का की फसल बोने जैसी गतिविधियां की जा रही थीं, मानो वह निजी संपत्ति हो।

⸻

ड्यूटी से गायब, जमीन पर सक्रिय?

सूत्रों के अनुसार, रविन्द्र भारती का तबादला एमसीबी जिले में हुआ था, लेकिन वे कथित रूप से सूरजपुर पुलिस लाइन में अटैच रहे। बताया जा रहा है कि वे पिछले लगभग एक महीने से नियमित ड्यूटी से भी गायब हैं। विभागीय स्तर पर वेतन रोकने की चर्चा के बीच यह अतिक्रमण का मामला सामने आने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

⸻

प्रशासन का सख्त आदेश

राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अतिरिक्त तहसीलदार न्यायालय, अम्बिकापुर-02 द्वारा आदेश जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:
• शासकीय भूमि पर चल रहा निर्माण कार्य तत्काल बंद किया जाए
• संबंधित व्यक्ति को न्यायालय में उपस्थित होकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे
• 20 मार्च 2026 तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी
• आदेश की अवहेलना होने पर शासकीय अमले द्वारा अतिक्रमण हटाकर खर्च की वसूली संबंधित व्यक्ति से की जाएगी

⸻

पुलिस और राजस्व अमले को भी निर्देश

जारी आदेश में थाना प्रभारी गांधीनगर, राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी को निर्देशित किया गया है कि:
• मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया जाए
• नोटिस की तामील सुनिश्चित की जाए
• समय सीमा के भीतर पालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए

⸻

कानून बनाम वर्दी

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण दंडनीय अपराध है। लेकिन जब आरोप किसी पुलिस कर्मी पर लगे, तो मामला और संवेदनशील हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वर्दीधारी कर्मचारी ही सरकारी जमीन पर कब्जा करने लगें, तो आम नागरिकों के बीच कानून के प्रति विश्वास कैसे बना रहेगा।

⸻

अब सबकी नजर प्रशासन पर

इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना होगा कि:
• क्या वास्तव में अवैध निर्माण हटाया जाएगा?
• क्या संबंधित प्रधान आरक्षक पर विभागीय कार्रवाई होगी?
• या मामला कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?

सरगुजा का यह मामला अब केवल जमीन विवाद नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी परीक्षा बन गया है।

Website | + posts

Editor In Chief - k24news.co.in
Mo.7509127461

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.