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October 16, 2026

*सुशासन तिहार के बीच तहसील कार्यालय में “नशे” का मामला, चपरासी पर गिरी कार्रवाई की गाज*

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*सुशासन तिहार के बीच तहसील कार्यालय में “नशे” का मामला, चपरासी पर गिरी कार्रवाई की गाज*
लैलूंगा — एक तरफ पूरा प्रशासन “सुशासन तिहार” के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याएं सुनने और मौके पर समाधान देने में जुटा हुआ था, वहीं दूसरी तरफ लैलूंगा तहसील कार्यालय से सामने आए एक मामले ने पूरे राजस्व विभाग में हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार मामला तहसील कार्यालय लैलूंगा का है, जहां पदस्थ प्यून (चपरासी) अमिताभ मिंज कथित रूप से शराब के नशे में पाए गए। बताया जा रहा है कि दिनांक 06/04/2026 को झगरपुर में “सुशासन तिहार” शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें तहसील सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे। शिविर में लोगों की समस्याएं सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर निराकरण भी किया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिविर समाप्त होने के बाद तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय जब वापस तहसील कार्यालय पहुंचे, तब कार्यालय परिसर में मौजूद चपरासी अमिताभ मिंज की गतिविधियां और व्यवहार संदिग्ध दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान उनके हाव-भाव असामान्य थे, जिससे नशे की आशंका जताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मेडिकल परीक्षण करवाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद तहसीलदार ने इसे शासकीय सेवा की गरिमा के खिलाफ मानते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ कर दी। इस घटना के सामने आने के बाद विभागीय कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि जिस समय पूरा प्रशासन “सुशासन तिहार” के जरिए जनता के बीच सरकार की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने में जुटा हुआ था, उसी दौरान तहसील कार्यालय से सामने आई यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। आम लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन होना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब प्रशासन जनता के बीच जवाबदेही और सुशासन का संदेश देने में लगा हो।
फिलहाल मामले में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। वहीं इस घटना के बाद तहसील कार्यालय के कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

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