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October 16, 2026

सुशासन का असली चेहरा .. भोजन के लिए जनता के साथ कतार में खड़े नजर आए अधिकारी

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सुशासन का असली चेहरा .. भोजन के लिए जनता के साथ कतार में खड़े नजर आए अधिकारी

घरघोड़ा। प्रशासनिक आयोजनों में अक्सर अधिकारियों और आम जनता के बीच दूरी देखने को मिलती है, लेकिन घरघोड़ा के घरघोड़ी में आयोजित सुशासन त्योहार ने इस धारणा को बदलने का काम किया। यहां प्रशासन की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हजारों ग्रामीणों का दिल जीत लिया। अधिकारियों की सादगी, सहजता और जनता के प्रति अपनापन पूरे आयोजन का सबसे चर्चित पहलू बन गया।
11 मई को आयोजित इस सुशासन त्योहार में क्षेत्र के हजारों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए। शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने तथा जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और सराहनीय दृश्य उस समय देखने को मिला, जब एसडीएम घरघोड़ा दुर्गा प्रसाद अधिकारी, तहसीलदार मनोज कुमार गुप्ता एवं शिवम पाण्डेय, नायब तहसीलदार सहोदर पैंकरा तथा जनपद पंचायत सीईओ विनय चौधरी सहित अन्य अधिकारी आम लोगों के साथ भोजन की लाइन में खड़े नजर आए।

न कोई विशेष व्यवस्था, न कोई वीआईपी संस्कृति अधिकारीगण भी आम नागरिकों के साथ कतार में लगे, भोजन लिया और भोजन किया। अधिकारियों की यह सादगी और व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार किसी बड़े प्रशासनिक आयोजन में अधिकारियों को इतने सहज और सामान्य रूप में देखा गया। इससे प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अपनापन और अधिक मजबूत हुआ है। सुशासन त्योहार में भोजन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गई थी। प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना नहीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान देना भी था। घरघोड़ा में देखने को मिली यह तस्वीर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन, सादगीपूर्ण नेतृत्व और जनता के साथ बढ़ते विश्वास की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आई।

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