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October 16, 2026

*दृष्टिबाधित बच्चों ने सीखा बिना देखे स्मार्टफोन चलाना*

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*दृष्टिबाधित बच्चों ने सीखा बिना देखे स्मार्टफोन चलाना*

*समग्र शिक्षा एवं एक कदम और फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न*

रायगढ़, 23 अगस्त 2026/ आधुनिक तकनीक के दौर में दृष्टिबाधिता स्मार्टफोन और डिजिटल संसाधनों के उपयोग में बाधा नहीं बनेगी। दृष्टिबाधित बच्चों को तकनीक के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें शिक्षा, संवाद तथा दैनिक जीवन में डिजिटल संसाधनों का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा एवं एक कदम और फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 20 से 22 अगस्त तक तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के 39 चिन्हांकित दृष्टिबाधित बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता की।

*तीन दिनों तक बच्चों ने सीखी स्मार्टफोन संचालन की तकनीक*

प्रशिक्षण के दौरान एक कदम और फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर्स एवं समग्र शिक्षा के बीआरपी स्पेशल एजुकेटर्स ने बच्चों को स्मार्टफोन के स्वतंत्र संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी। बच्चों को बिना देखे मोबाइल संचालित करने, विभिन्न उपयोगी सुविधाओं और सहायक तकनीकों का इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि स्मार्टफोन का उपयोग केवल बातचीत या मनोरंजन तक सीमित न रखकर शिक्षा, जानकारी प्राप्त करने, संवाद स्थापित करने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है। तीन दिनों तक बच्चों ने स्वयं स्मार्टफोन चलाकर विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया। लगातार अभ्यास के दौरान बच्चों में तकनीक के प्रति आत्मविश्वास और रुचि बढ़ती दिखाई दी।

*अभिभावकों को भी दिया गया आत्मनिर्भरता का मंत्र*

प्रशिक्षण में अभिभावकों के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। बीआरपी स्पेशल एजुकेटर्स एवं मास्टर ट्रेनर्स ने अभिभावकों को दृष्टिबाधित बच्चों की आवश्यकताओं को समझने तथा उनके साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया। अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों के प्रति केवल सहानुभूति रखने के बजाय उन्हें अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास देना अधिक जरूरी है। बच्चों को छोटे-छोटे कार्य स्वयं करने तथा तकनीक का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने के अवसर देने से उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित होती है।

*अतिथियों के सामने बच्चों ने मोबाइल चलाकर दिखाई अपनी प्रतिभा*

प्रशिक्षण के अंतिम दिन बच्चों ने उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों के समक्ष स्वयं स्मार्टफोन संचालित कर अपने सीखे हुए कौशल का प्रदर्शन किया। दृष्टिबाधित बच्चों ने बिना देखे मोबाइल का संचालन करते हुए प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और तकनीकी कौशल को व्यवहारिक रूप से प्रस्तुत किया। बच्चों का आत्मविश्वास देखकर उपस्थित अधिकारियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों ने उनका उत्साहवर्धन किया। यह प्रदर्शन इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण रहा कि उचित प्रशिक्षण, तकनीक और अवसर मिलने पर दृष्टिबाधित बच्चे भी डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
          समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू, जिला मिशन समन्वयक श्री आलोक स्वर्णकार, समावेशी शिक्षा के जिला प्रभारी एपीसी श्री भूपेंद्र पटेल, रायगढ़ बीआरसी श्री मनोज अग्रवाल तथा एक कदम और फाउंडेशन के राज्य समन्वयक श्री आशुतोष महंत उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बच्चों से संवाद कर उनके द्वारा सीखे गए स्मार्टफोन संचालन कौशल को देखा और उनके आत्मविश्वास की सराहना की।

*विभिन्न विकासखंडों के अमले ने दिया महत्वपूर्ण सहयोग*

प्रशिक्षण को सफल बनाने में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए बीआरपी स्पेशल एजुकेटर्स एवं हेल्पर्स का विशेष सहयोग रहा। विकासखंड रायगढ़ से सीएसी श्री विकास पटेल, श्री राजकमल पटेल एवं श्री रविंद्र पटेल, प्रधान पाठक श्री खगेश्वर साहू, सहायक शिक्षक श्री सौरभ पटेल तथा श्री प्रदीप कुमार साहनी ने भी आयोजन एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीन दिवसीय प्रशिक्षण ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए तकनीक के माध्यम से संभावनाओं के नए द्वार खोले। अंतिम दिन बच्चों द्वारा स्वयं स्मार्टफोन संचालित कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। समग्र शिक्षा एवं एक कदम और फाउंडेशन की यह पहल दृष्टिबाधित बच्चों को डिजिटल रूप से सक्षम, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

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