LATEST NEWS
*प्रकाशनार्थ* : *कम्युनिस्ट-इस्लामिक साज़िशों का हौवा*
*(आलेख : एम.ए. बेबी)*
*प्रेस विज्ञप्ति* लैलूंगा के लारीपानी कन्या छात्रावास में लापरवाही का आरोप! पत्रकारों, एक्टिविस्टों और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के खिलाफ शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग *ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए पात्र किशोरियों का हो रहा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण* ग्राम बंगुरसिया मेन रोड किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव साइन बोर्ड पर लटका मिला, जांच में जुटी चक्रधरनगर... *प्रकाशनार्थ* : *बतौर मछुआरा भी हो महिलाओं की पहचान* उद्योगों से जुड़े लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें : कलेक्टर* जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाएं, लंबित योजनाएं समय-सीमा में करें पूर्ण : कलेक्टर श्री मयंक चतु... प्रेस विज्ञप्ति*
October 16, 2026

राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगी रायगढ़ की दो शिक्षिकाएं, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हुआ चयन*

Spread the love

*राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगी रायगढ़ की दो शिक्षिकाएं, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हुआ चयन*

*ओमकुमारी पटेल और आरती साहू ने नवाचार, सामुदायिक सहभागिता से शिक्षा को बनाया प्रभावी*

*बच्चों की सफलता को माना सबसे बड़ी उपलब्धि, माताओं को विद्यालय से जोड़कर बढ़ाया शैक्षणिक स्तर*

रायगढ़, 29 अगस्त 2026/ जिले की दो शिक्षिकाओं श्रीमती ओमकुमारी पटेल एवं श्रीमती आरती साहू का चयन शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए वर्ष 2025 में इनके सम्मान की घोषणा की गई थी।  दोनों शिक्षिकाओं को  5 सितम्बर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा। दोनों शिक्षिकाएं वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा, विकासखंड पुसौर में पदस्थ हैं।

*श्रीमती ओमकुमारी पटेल की शिक्षकीय यात्रा नवाचार और समर्पण की मिसाल*

श्रीमती ओमकुमारी पटेल ने 27 जून 2009 को शिक्षक के रूप में अपनी सेवा यात्रा प्रारंभ की। उनकी प्रथम पदस्थापना प्राथमिक शाला हिरीं, सारंगढ़ में हुई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षण-अधिगम सामग्री और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने का प्रयास किया। वर्ष 2013 में शासकीय प्राथमिक शाला शंकरपाली, पुसौर में स्थानांतरण के बाद उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सामुदायिक सहभागिता और नवाचार को नई दिशा दी। उनके मार्गदर्शन में सत्र 2019-20 में विद्यार्थी निखिल साहू का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ। कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण दौर में भी उन्होंने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी और विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्यों के लिए वर्ष 2020 में उन्हें ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया। विद्यालय विकास को सामाजिक दायित्व मानते हुए उन्होंने समुदाय के सहयोग से हरित परिसर, स्वच्छता अभियान और विद्यालय उन्नयन के विभिन्न कार्य किए। साथ ही जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई। ग्रामीण क्षेत्र में पलायन जैसी चुनौतियों के बीच समुदाय को साथ लेकर बच्चों की शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रीमती ओमकुमारी पटेल वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा, विकासखण्ड पुसौर में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है।

*आरती साहू ने माताओं को विद्यालय से जोड़कर बच्चों की शिक्षा में किया सुधार*

श्रीमती आरती साहू ने 30 जून 2009 को शिक्षक के रूप में सेवा प्रारंभ की। स्नातकोत्तर (वाणिज्य), छत्तीसगढ़ी भाषा, बी.एड. एवं केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की योग्यता रखने वाली श्रीमती साहू वर्तमान में शासकीय प्राथमिक विद्यालय सेमरा में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वे शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षण-अधिगम सामग्री और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रोचक एवं नवाचारी शिक्षा प्रदान कर रही हैं। साथ ही विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय एवं एकलव्य विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराती हैं। खेलकूद, योग-व्यायाम, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देती हैं। उनकी प्रमुख पहल में ‘माता उन्मुखी कार्य’ उल्लेखनीय है। उनका मानना है कि शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके सफल विद्यार्थी होते हैं और बच्चों की सफलता में माताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने घर-घर संपर्क कर लर्निंग कॉर्नर का निर्माण कराया और माताओं को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा।
           माताओं को कहानी सुनाने, शिक्षण सामग्री बनाने, स्थानीय त्योहारों को मिलकर मनाने तथा समर कैंप जैसी गतिविधियों में शामिल किया गया। इसके परिणामस्वरूप विद्यालय में बच्चों की शिक्षा के प्रति माताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ी और उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार हुआ। इसके साथ ही प्रतिवर्ष समर कैंप के माध्यम से बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है। दोनों शिक्षिकाओं का लक्ष्य बच्चों को रोचक एवं नवाचारी शिक्षा प्रदान करते हुए उनका सर्वांगीण विकास करना है। राज्यपाल के हाथों शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान न केवल दोनों शिक्षिकाओं के समर्पण और नवाचार को पहचान देगा, बल्कि रायगढ़ जिले के लिए भी गौरव का विषय होगा।

Website | + posts

Editor In Chief - k24news.co.in
Mo.7509127461

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.