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October 15, 2026

महेश्वरी मेडिकल मामले में मचा बवाल! CMHO तक शिकायत पहुंचते ही जांच का आदेश, आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्वास्थ्य विभाग हुआ एक्टिव

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महेश्वरी मेडिकल मामले में मचा बवाल! CMHO तक शिकायत पहुंचते ही जांच का आदेश, आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्वास्थ्य विभाग हुआ एक्टिव

“पैसा मांगा था तो सबूत दो!”—सोशल मीडिया आरोपों पर प्रेस क्लब अध्यक्ष ने मांगी स्वतंत्र जांच, कथित धमकी के ऑडियो ने भी बढ़ाई हलचल

जशपुर/फरसाबहार। सराइटोला स्थित महेश्वरी मेडिकल को लेकर सामने आए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। मेडिकल संचालन और उसके पीछे कथित क्लीनिक को लेकर उठे सवालों के बीच मामला जिला स्वास्थ्य अधिकारी तक पहुंचा, जिसके बाद जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिक गई हैं।

शिकायत पहुंची तो स्वास्थ्य विभाग ने लिया संज्ञान

महेश्वरी मेडिकल को लेकर सामने आई शिकायत में मेडिकल स्टोर के संचालन, कथित क्लीनिक तथा वहां चिकित्सा गतिविधियां संचालित होने जैसे कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। मामले की जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी तक पहुंचने के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल का कहना है कि उन्होंने मौके से संबंधित जानकारी, वीडियो और बाइट लिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

सोशल मीडिया वीडियो ने बढ़ाया विवाद

मामले में मेडिकल संचालक की ओर से सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रेस से जुड़े लोगों पर कथित रूप से पैसे मांगने के आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों को लेकर प्रेस क्लब अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि यदि किसी पत्रकार ने पैसे की मांग की है तो उसके ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाएं।

उन्होंने कहा कि आरोपों की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कार्रवाई हो और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो झूठे आरोप लगाने वालों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मेडिकल के पीछे कथित क्लीनिक पर भी सवाल

विवाद का दूसरा बड़ा पहलू मेडिकल के पीछे संचालित बताए जा रहे कथित क्लीनिक को लेकर है। आरोप है कि वहां ग्रामीणों का इलाज करने के साथ इंजेक्शन और बोतल लगाने जैसी चिकित्सा गतिविधियां की जाती हैं।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह स्पष्ट होना है कि वहां वास्तव में किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं और उनके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति थी या नहीं।

कथित धमकी के ऑडियो से भी गरमाया मामला

प्रेस क्लब अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग में शिकायत किए जाने के बाद उन्हें फोन पर कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी दी गई। उनके अनुसार इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है तथा मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी दी गई है।

अब सवाल यह भी है कि क्या पुलिस कथित ऑडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी?

जांच में खुलेंगे कई राज!

स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान अब कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर रहेगी—

– महेश्वरी मेडिकल के लाइसेंस और संचालन की स्थिति क्या है?
– दवा बिक्री और फार्मासिस्ट से जुड़े नियमों का पालन हो रहा था या नहीं?
– मेडिकल के पीछे कथित क्लीनिक का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा है?
– वहां मरीजों के इलाज और इंजेक्शन लगाने जैसी गतिविधियां हो रही थीं या नहीं?
– ऐसी चिकित्सा गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति मौजूद थी या नहीं?
– मेडिकल संचालक द्वारा पत्रकारों पर लगाए गए पैसों की मांग के आरोपों का कोई प्रमाण है या नहीं?
– कथित धमकी वाले ऑडियो की पुलिस जांच होगी या नहीं?

आरोपों से आगे बढ़कर अब जांच की बारी

महेश्वरी मेडिकल विवाद अब सोशल मीडिया के आरोप-प्रत्यारोप से निकलकर सरकारी जांच की चौखट तक पहुंच गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जांच के आदेश के बाद अब उम्मीद है कि पूरे मामले के तथ्यों की जांच दस्तावेजों, मौके की स्थिति और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर की जाएगी।

अब देखना होगा कि जांच टीम मौके पर पहुंचकर क्या-क्या जांच करती है और रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल जांच के आदेश ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

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