लैलूंगा: घूसखोर पटवारी रामनाथ निलंबित, राजस्व अधिकारी sdm गुप्ता ने की त्वरित कार्यवाही*



*लैलूंगा: घूसखोर पटवारी रामनाथ निलंबित, राजस्व अधिकारी sdm गुप्ता ने की त्वरित कार्यवाही*
लैलूंगा /तहसील क्षेत्र लैलूंगा में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक घूसखोर पटवारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही तब हुई जब पटवारी रामनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह खुलेआम रिश्वत लेते हुए नजर आ रहा था। उक्त वीडियो ने न केवल सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, बल्कि प्रेस जगत में भी इसे लेकर काफी चर्चा हुई।
लगभग चार दिन पूर्व सामने आए इस वीडियो में पटवारी रामनाथ को एक व्यक्ति से खुलेआम पैसा लेते हुए देखा गया। वीडियो के वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और प्रशासन से कड़ी कार्यवाही की मांग की गई। लैलूंगा के राजस्व अधिकारी sdm गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और बिना देर किए रामनाथ को कार्यमुक्त करते हुए जांच के आदेश दिए।
राजस्व विभाग द्वारा की गई प्राथमिक जांच में वीडियो को प्रमाणिक मानते हुए पटवारी की कार्यशैली को अनियमित और भ्रष्ट पाया गया। इसके बाद राजस्व अधिकारी sdm गुप्ता ने नियमानुसार पटवारी रामनाथ को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आगे की विस्तृत जांच के लिए मामला उच्चाधिकारियों को भेजा गया है और यदि आवश्यक हुआ तो एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की त्वरित कार्यवाही की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन पहली बार किसी अधिकारी ने इतना तत्पर होकर कार्यवाही की है।
राजस्व अधिकारी sdm गुप्ता ने प्रेस को बताया, “भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी जनता से पैसे लेकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से दंडित किया जाएगा। शासन की मंशा स्पष्ट है—पारदर्शिता और जवाबदेही।”
इस कार्यवाही के बाद अन्य पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन का यह सख्त रुख एक नजीर बन सकता है, जिससे क्षेत्र में ईमानदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाइयों से प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और जनता का विश्वास शासन पर और मजबूत होगा। यह घटना न केवल एक भ्रष्ट कर्मचारी को दंडित करने का मामला है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की एक मिसाल भी बन गई है।
Editor In Chief - k24news.co.in
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