लैलूंगा में बलात्कार पीड़िता को अब समाज से बहिष्कार! – ओन्तो महकुल प्रकरण पर नया बवाल



लैलूंगा में बलात्कार पीड़िता को अब समाज से बहिष्कार! – ओन्तो महकुल प्रकरण पर नया बवाल
लैलूंगा/ लैलूंगा थाना क्षेत्र में ओन्तो महकुल द्वारा युवती से शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक शोषण करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब इस पूरे प्रकरण ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पीड़िता कौशिल्या यादव (29 वर्ष) निवासी झारआमा ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं कि न सिर्फ उसके साथ जबरन बलात्कार कर शादी का झांसा दिया गया, बल्कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अब समाज के कुछ लोग मिलकर उसे प्रताड़ित और बहिष्कृत कर रहे हैं।
ओन्तो महकुल पर गंभीर आरोप
आवेदन के अनुसार, ओन्तो महकुल, पिता कार्तिकराम महकुल निवासी कसाईझरन (जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा) ने जुलाई 2024 से शादी का झांसा देकर लगातार संबंध बनाए। पहली बार बिरसिंगा के पास कुपाकानी जंगल में जबरन बलात्कार किया और रिपोर्ट करने की बात पर शादी का वादा किया। इसके बाद कई बार उसने गांव और जंगल में शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन 19 सितम्बर 2024 को आखिरी बार पीड़िता के घर आकर जब वह अकेली थी, तब संबंध बनाने के बाद यह कहकर चला गया कि अब शादी संभव नहीं है। इसके बाद से आरोपी फरार हो गया और फोन भी बंद कर लिया।
थाना लैलूंगा में पहले ही अपराध क्रमांक 06/25 धारा 64, 6(2)(m) BNS के तहत केस दर्ज है और पुलिस जांच कर रही है।
अब समाज ने किया बहिष्कार
पीड़िता ने नए आवेदन में खुलासा किया है कि उसके गांव और समाज के लोग उसे तरह-तरह से प्रताड़ित कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया है कि धनेश्वर महकुल, सतन महकुल और लोचन महकुल बार-बार अपमानित कर रहे हैं और कहते हैं कि “तुमने गांडा, घसिया, चिक, चमार जाति के लड़के के साथ संबंध बनाए हो”, इसलिए अब समाज से बाहर कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, उसे गांव के सरना पूजा जैसे सामूहिक धार्मिक आयोजनों से भी अलग कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि यह उसके लिए मानसिक उत्पीड़न है और तीनों लोग संगठित होकर उसे बदनाम करने और समाज से अलग-थलग करने का षड्यंत्र कर रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं रहा, बल्कि अब इसमें जातीय और सामाजिक बहिष्कार का रंग भी जुड़ गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस प्रशासन केवल आरोपी ओन्तो महकुल के खिलाफ कार्यवाही कर रहा है या फिर समाज में बहिष्कार और प्रताड़ना करने वालों के खिलाफ भी कदम उठाएगा?
महिला संगठनों और समाजसेवियों का कहना है कि यह दोहरी सजा जैसी स्थिति है—पहले पीड़िता के साथ बलात्कार हुआ और अब उसे समाज से बहिष्कृत किया जा रहा है।
बवाल और आक्रोश बढ़ा
झारआमा और आसपास के इलाकों में इस घटना को लेकर जोरदार चर्चा है। लोग इसे महिला सम्मान और न्याय व्यवस्था की परीक्षा मान रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि वह इंसाफ की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेगी। उसने प्रशासन से गुहार लगाई है कि न सिर्फ ओन्तो महकुल बल्कि समाज से बहिष्कार करने वाले तीनों व्यक्तियों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए।
लैलूंगा थाने में मामला दर्ज है और अब पुलिस को यह तय करना होगा कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराध से पीड़ित महिला को समाज से अलग-थलग करने की कोशिश करने वालों पर क्या कठोर कदम उठाए जाएं।
कुल मिलाकर, यह प्रकरण सिर्फ एक बलात्कार केस नहीं रहा, बल्कि अब यह महिला उत्पीड़न, जातीय भेदभाव और समाज से बहिष्कार का बड़ा मुद्दा बन चुका है। लैलूंगा से लेकर रायगढ़ तक इस मामले ने बवाल मचा दिया है और अब सबकी निगाहें पुलिस-प्रशासन की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
किया कहते है थाना प्रभारी – पुराना केश है में जांच कर उचित कार्यवाही करूंगा
Editor In Chief - k24news.co.in
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