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October 16, 2026

ऐतिहासिक उपलब्धि: रायगढ़ जिले में गुणवत्ता की नई इबारत — लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना NQAS प्रमाणित पहला संस्थान

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ऐतिहासिक उपलब्धि: रायगढ़ जिले में गुणवत्ता की नई इबारत — लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना NQAS प्रमाणित पहला संस्थान

रायगढ़ जिले के स्वास्थ्य इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जिले का लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड यानी NQAS (National Quality Assurance Standards) से प्रमाणित होकर रायगढ़ जिले का पहला संस्थान बनने का गौरव हासिल कर चुका है। यह उपलब्धि न केवल लैलूंगा क्षेत्र बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व, विश्वास और गुणवत्ता का प्रतीक बनकर उभरी है।

क्या है NQAS और क्यों है यह उपलब्धि खास

NQAS (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता ढांचा है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इस मानक के तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर किया जाता है, जिनमें प्रमुख है

संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था

रोगी सुरक्षा एवं देखभाल

नैदानिक सेवाओं की गुणवत्ता

दवाओं की उपलब्धता व प्रबंधन

स्वच्छता, साफ-सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन

मरीजों से फीडबैक एवं संतुष्टि


इन सभी मानकों पर खरा उतरना आसान नहीं होता, लेकिन लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने यह साबित कर दिया कि सरकारी संस्थान भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते हैं।

नेतृत्व, समर्पण और टीमवर्क का नतीजा

इस बड़ी उपलब्धि के पीछे मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट मार्गदर्शन और टीमवर्क की अहम भूमिका रही।
रायगढ़ जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनिल जगत के कुशल मार्गदर्शन में यह मिशन आगे बढ़ा। वहीं DPM रंजना पैंकरा एवं जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम के सहयोग और लैलूंगा बीएमओ डॉ. धरम साय पैंकरा के निरंतर प्रयासों ने इस लक्ष्य को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई।

लैलूंगा चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार एवं मार्गदर्शक डॉ. एस. एन. उपाध्याय की अगुवाई में अस्पताल की कार्यप्रणाली को मानकों के अनुरूप ढालने का कार्य किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में BPM अश्वनी कुमार साय और अस्पताल के समस्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

महीनों की मेहनत, सख्त मूल्यांकन

NQAS प्रमाणन कोई एक दिन का काम नहीं होता। इसके लिए अस्पताल को महीनों तक खुद को हर स्तर पर परखना और सुधारना पड़ता है।
लैलूंगा CHC में

मरीजों के लिए सुव्यवस्थित पंजीयन व्यवस्था

साफ-सुथरे वार्ड और शौचालय

संक्रमण नियंत्रण के लिए SOP का सख्ती से पालन

दवाओं और उपकरणों का वैज्ञानिक प्रबंधन

प्रसव कक्ष, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का उन्नयन


जैसे कई बड़े सुधार किए गए। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) के मूल्यांकनकर्ताओं ने अस्पताल का गहन निरीक्षण किया और सभी मापदंडों पर संतुष्ट होकर NQAS प्रमाणन प्रदान किया।

जनता को क्या मिलेगा फायदा?

इस प्रमाणन का सबसे बड़ा लाभ सीधे आम मरीजों को मिलेगा। अब लैलूंगा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोगों को

बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज

स्वच्छ वातावरण में स्वास्थ्य सेवाएं

समयबद्ध जांच और उपचार

मरीज-केंद्रित व्यवहार और सेवा


स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। इससे लोगों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों की ओर भागने की मजबूरी कम होगी।

जिले के लिए प्रेरणा

लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह सफलता अब रायगढ़ जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। यह प्रमाण है कि यदि सही नेतृत्व, ईमानदार प्रयास और टीम भावना हो, तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भी गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन सकती हैं।

सम्मान और गर्व का क्षण

NQAS प्रमाणन की खबर सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई। अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि को लैलूंगा की ऐतिहासिक जीत बताया। यह सफलता आने वाले समय में जिले के अन्य CHC और PHC को भी NQAS की ओर अग्रसर करेगी।

लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का NQAS प्रमाणित होना केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि यह जनता के विश्वास, सेवा की गुणवत्ता और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है।
यह उपलब्धि बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो बदलाव संभव है।

रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा अब बदल रही है — और इसकी शुरुआत लैलूंगा से हो चुकी है।

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