दिल्ली में कांग्रेस के तत्वावधान में ऐतिहासिक दिल्ली चलो महाआंदोलन, राहुल गांधी के आह्वान पर जुटी भीड़
इंटक महासंघ का तूफानी समर्थन, राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल के नेतृत्व में पूरा संगठन उतरा सड़कों पर






दिल्ली में कांग्रेस के तत्वावधान में ऐतिहासिक दिल्ली चलो महाआंदोलन, राहुल गांधी के आह्वान पर जुटी भीड़
इंटक महासंघ का तूफानी समर्थन, राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल के नेतृत्व में पूरा संगठन उतरा सड़कों पर
राहुल गांधी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 12 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में हुआ ऐतिहासिक प्रदर्शन
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 12 अक्टूबर 2026 को राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक और प्रभावशाली दिल्ली चलो विरोध प्रदर्शन एवं महाआंदोलन आयोजित किया गया। इस महाआंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में मजदूर संगठनों ने हिस्सा लिया।
स्वामीनाथ जायसवाल के जुझारू नेतृत्व में इंटक महासंघ का विशाल जनसैलाब, हजारों पदाधिकारी हुए शामिल
राहुल गांधी के इस आह्वान को पूर्ण एवं अटूट समर्थन देते हुए भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल के सशक्त नेतृत्व में पूरे देश से इंटक महासंघ का समस्त संगठन, हजारों पदाधिकारी और असंगठित व संगठित क्षेत्र के श्रमिकों का विशाल जनसैलाब इस महासंग्राम में शामिल हुआ।
कांग्रेस मंच से इंटक महासंघ की बुलंद गर्जना, चार लेबर कोड रद्द करने और सामाजिक सुरक्षा की मांग तेज
12 अक्टूबर के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में इंटक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ हुंकार भरते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के गरीबों, किसानों और मजदूरों की जो लड़ाई लड़ रहे हैं, उसमें इंटक महासंघ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स को रद्द करने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका के समक्ष यक्ष प्रश्न, 2013 से अब तक के संवैधानिक मुद्दों और न्याय में देरी पर उठे सवाल
महाआंदोलन के दौरान देश के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, न्यायपालिका की साख और जनता के न्यायिक अधिकारों पर तीखे सवाल उठाए गए। 2013, 2014, 2015 से लेकर अब तक के ज्वलंत संवैधानिक मुद्दों, मुख्य न्यायाधीश के साक्षात्कारों एवं न्यायिक प्रक्रियाओं में हो रही देरी को रेखांकित करते हुए मांग की गई कि देश की सर्वोच्च अदालत आम जनता और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों की निर्भीक व त्वरित ढाल बने। वक्ताओं ने कहा न्याय में देरी, न्याय का कत्ल है।
राहुल गांधी के न्याय पथ को जमीनी मजबूती, बढ़ती महंगाई बेरोजगारी और निजीकरण पर केंद्र सरकार का घेराव
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी जिस निडरता से जनविरोधी फैसलों के खिलाफ खड़े हैं, इंटक महासंघ का एक एक सिपाही उनके कदम से कदम मिलाकर उस संघर्ष को सड़क से संसद तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा देश की संपत्तियों की बिक्री, बेकाबू होती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल ने कहा कि 12 अक्टूबर का यह दिल्ली चलो आंदोलन कांग्रेस और राहुल गांधी के विचारों की जीत है और मजदूरों के स्वाभिमान, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
Editor In Chief - k24news.co.in
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