लैलूंगा का गौरव: नन्द किशोर सतपथी राज्यपाल पुरस्कार से नवाजे गए, शिक्षा जगत में खुशी की लहर



लैलूंगा का गौरव: नन्द किशोर सतपथी राज्यपाल पुरस्कार से नवाजे गए, शिक्षा जगत में खुशी की लहर
लैलूंगा/ शिक्षा जगत में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब विकासखंड लैलूंगा की शासकीय प्राथमिक शाला नावामुड़ा लमडांड के समर्पित शिक्षक नन्द किशोर सतपथी को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी मेहनत और लगन की पहचान है, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए गौरव का क्षण है।
सतपथी ने वर्ष 2002 से शिक्षा सेवा की शुरुआत की थी। दो दशक से अधिक के लंबे सफर में उन्होंने न केवल कक्षा-कक्ष में बच्चों को शिक्षा दी, बल्कि उनकी सोच, संस्कार और जीवन मूल्यों को भी संवारने का कार्य किया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने हमेशा नयी और सरल शिक्षण पद्धतियाँ अपनाईं। उनका कहना है कि “शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन को दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।”
राज्यपाल पुरस्कार हासिल कर सतपथी बेहद भावुक नजर आए। मंच से उन्होंने साफ शब्दों में कहा – “यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और मेरे सहयोगी शिक्षकों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। मैं इसे पूरी शिक्षा परिवार को समर्पित करता हूँ।” उनकी विनम्रता और सादगी ने कार्यक्रम में मौजूद हर किसी का दिल जीत लिया।
जैसे ही यह खबर लैलूंगा और आसपास के गांवों में पहुँची, लोगों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। गाँव के बच्चे, सहकर्मी शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने बधाई देने में देर नहीं की। जगह-जगह सतपथी सर के सम्मान में बधाई संदेश गूंजने लगे।
गाँव के सरपंच प्रतिनिधि ने कहा – “हमारे क्षेत्र के लिए यह गर्व की बात है कि हमारे स्कूल के शिक्षक ने राज्य स्तर पर नाम रोशन किया। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।” वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इसे लैलूंगा ब्लॉक की उपलब्धि बताते हुए कहा कि सतपथी सर जैसे शिक्षक पूरे प्रदेश के लिए आदर्श हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मौके पर कहा कि आज जब शिक्षा को लेकर कई चुनौतियाँ सामने हैं, ऐसे में नन्द किशोर सतपथी जैसे समर्पित शिक्षकों का योगदान उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत है।
यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जो शिक्षा को समाज की नींव मानती है। लैलूंगा और रायगढ़ के लोग नन्द किशोर सतपथी पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें शिक्षा का असली योद्धा मान रहे हैं।
अब पूरे क्षेत्र की जुबान पर बस एक ही नाम है – “सतपथी सर – शिक्षा के असली हीरो”।
Editor In Chief - k24news.co.in
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