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October 16, 2026

लैलूंगा के रुडुकेला में ‘नल-जल’ योजना बनी जनता के गले की फांस! ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीण भुगत रहे नतीजा

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लैलूंगा के रुडुकेला में ‘नल-जल’ योजना बनी जनता के गले की फांस! ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीण भुगत रहे नतीजा

लैलूंगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर नल जल” योजना का हाल अब बुरा सपना बन चुका है। लैलूंगा ब्लॉक के रुडुकेला गांव में इस योजना का ठेकेदार और जिम्मेदार विभाग मिलकर ऐसे कारनामे कर गए कि अब गांववाले पानी की जगह धूल पीने को मजबूर हैं।

गांव में महीनों पहले शुरू हुई नल-जल योजना का कार्य अधूरा छोड़कर ठेकेदार रफूचक्कर हो गया। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पूरे गांव की सड़कों को खोद दिया गया — कहीं पाइप बाहर निकले पड़े हैं, तो कहीं आधे-अधूरे जोड़ से पानी की जगह कीचड़ निकल रहा है। हालात ये हैं कि हैंडपंप सूख गए, नल में पानी नहीं, और जो पाइप बिछाए गए हैं, उनमें से जगह-जगह गंदा पानी रिसता हुआ ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ा रहा है।

ग्रामीणों ने कई बार पीएचई विभाग और जनपद पंचायत के अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला — “जल्द ठीक हो जाएगा”। अब गांववाले पूछ रहे हैं, “कब होगा ठीक?” क्योंकि बच्चे दूषित पानी से बीमार हो रहे हैं, मवेशियों को पीने को साफ पानी नहीं मिल रहा, और ठेकेदार का कोई अता-पता नहीं।

गांव के  लोग बताते है  “नल-जल योजना आई तो लगा राहत मिलेगी, पर अब तो सड़क भी टूटी, पानी भी गया।” वहीं महिलाओं ने बताया कि रोज सुबह 2 किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ता है।

इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी और ठेकेदार की मनमानी अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्य पूरा नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

अब सवाल ये है — विकास की योजना जनता तक पहुंची या बीच रास्ते में ही ठेकेदार की जेब में फंस गई?
रुडुकेला के लोग जवाब चाहते हैं, और इस बार केवल वादों से नहीं — पानी से, जो वादा किया गया था! 💧

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