लैलूंगा में ‘अटल धाम’ का आगाज़! भारत रत्न अटल जी की प्रतिमा का भव्य लोकार्पण, भीड़ का जनसैलाब… शहर में त्यौहार जैसा माहौल!









लैलूंगा में ‘अटल धाम’ का आगाज़! भारत रत्न अटल जी की प्रतिमा का भव्य लोकार्पण, भीड़ का जनसैलाब… शहर में त्यौहार जैसा माहौल!
लैलूंगा आज इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपना नाम दर्ज करा चुका है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, देश के गौरव, लोकतंत्र के सशक्त स्तंभ और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के पावन अवसर पर लैलूंगा में बनकर तैयार अटल परिसर का आज भव्य लोकार्पण हुआ। जैसे ही प्रतिमा पर से परदा हटा, जयघोषों की गूंज, तालियों की गड़गड़ाहट और आतिशी नारों ने पूरे शहर को उत्साह और गर्व से भर दिया।
कार्यक्रम की भव्यता ऐसी कि देखने वाला हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध रह गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की। मंच पर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रभावशाली मंत्री ओ.पी. चौधरी, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, सत्यानंद राठिया सहित भाजपा के बड़े नेता, जिला संगठन के पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सिर्फ मंच नहीं, पूरा लैलूंगा नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम जनता के जनसैलाब से लबरेज दिखाई दिया।
नगर पंचायत लैलूंगा के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए। मंच सजा, शहर सजा, गलियां चमकी, तिरंगे और भगवा झंडों से पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में डूब गया। और माहौल को और अधिक धधका दिया। हर चेहरे पर खुशी, हर दिल में उत्साह, हर जुबान पर एक ही आवाज—“जय अटल… जय भारत!”
दिनांक 25 दिसम्बर 2025, समय 1:30 बजे, स्थान कोसाबाड़ी के सामने लैलूंगा—यह पल आज लैलूंगा के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। क्योंकि यह सिर्फ प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि विकास, संकल्प, राष्ट्रवाद और नए युग की शुरुआत का उद्घोष था। अटल जी की महान सोच, ओजस्वी वाणी, दूरदृष्टि और लोकतंत्र के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक आज का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदगण, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक भारी संख्या में शामिल हुए। हर कोई गर्व से भरा, भावुक भी और उत्साहित भी। शहर का माहौल किसी मेले से कम नहीं रहा—लाउडस्पीकर, नारों की गूंज, सजावट और उमंग ने आज के दिन को यादगार बना दिया।
नगर पंचायत लैलूंगा एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी की ओर से समस्त नागरिकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। आज का दिन सच में इतिहास बन गया… क्योंकि आज लैलूंगा ने कहा—
“यह सिर्फ प्रतिमा नहीं… यह अटल विचारों का प्रकाश स्तंभ है!
आज लैलूंगा बोला—जय अटल, जय भारत!”
Editor In Chief - k24news.co.in
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