LATEST NEWS
*प्रकाशनार्थ* : *कम्युनिस्ट-इस्लामिक साज़िशों का हौवा*
*(आलेख : एम.ए. बेबी)*
*प्रेस विज्ञप्ति* लैलूंगा के लारीपानी कन्या छात्रावास में लापरवाही का आरोप! पत्रकारों, एक्टिविस्टों और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के खिलाफ शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग *ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए पात्र किशोरियों का हो रहा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण* ग्राम बंगुरसिया मेन रोड किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव साइन बोर्ड पर लटका मिला, जांच में जुटी चक्रधरनगर... *प्रकाशनार्थ* : *बतौर मछुआरा भी हो महिलाओं की पहचान* उद्योगों से जुड़े लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें : कलेक्टर* जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाएं, लंबित योजनाएं समय-सीमा में करें पूर्ण : कलेक्टर श्री मयंक चतु... प्रेस विज्ञप्ति*
October 16, 2026

तमनार क्षेत्र में खुड़खुड़िया जुए की महफ़िल सजाने के लिए ही कराया जा रहा मेला

Spread the love

तमनार क्षेत्र में खुड़खुड़िया जुए की महफ़िल सजाने के लिए ही कराया जा रहा मेला


किसके संरक्षण से खेले जा रहे लाखों के दांव ?

रायगढ़। तमनार घरघोड़ा क्षेत्र के आस-पास के लगभग सभी ग्रामों में रथोत्सव आते ही खुड़खुड़िया जुए की महफ़िल सजनी शुरू हो जाती है जो की लगभग 3 महीने तक प्रायः प्रतिदिन चलती है। यहाँ रथ मेला कार्यक्रम तो लगभग खत्म हो गया है पर खुड़खुड़िया मेला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में अभी भी सिर्फ झंडी मुंडी वाला जुआ खेलाने के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमे खुड़खुड़िया की की बड़ी बड़ी महफिल लग रही है। ऐसा ही एक नजारा हमें बीते दिवस तमनार थाना क्षेत्र स्थित रावनगुड़ा गाँव में देखने को मिला जहाँ खुड़खुड़िया जुए की बड़ी सी महफ़िल क्षेत्र के नामी खुड़खुड़िया खेलाने वाले खाईवाल द्वारा लगाई गई थी। इस क्षेत्र में खुड़खुड़िया खेलाने वालों के नाम का जिक्र करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि सभी लोग यहाँ तक की पुलिस भी उनको कहीं ना कहीं ऐसे कामों के लिए जानती है। खुड़खुड़िया एक ऐसा जुआ है जिसमें लाखों के दांव एक रात एक मेले में लगते हैं। ऐसे में अन्दाजा लगाया जा सकता है कि महीने भर क्षेत्र के आस पास हर दिन लगने वाले मेलों में कितने लाखों का वारा न्यारा किया जाता होगा । हर साल रथ मेले के बाद भी जबरन खुड़खुड़िया जुआ मेला का आयोजन अब इतनी आम बात हो चली है कि पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे मेलो में बकायदा अलग से खुड़खुड़िया जुए का बाजार बैठा दिया जाता है जहां देर रात तक खुलेआम जुआ चलाकर पुलिस प्रशासन को चुनौती दिया जाता है ।

पुलिस प्रशासन का नहीं दिखता खुड़खुड़िया वालों में भय

खुड़खुड़िया खिलाने वालो में पुलिस प्रशासन का तनिक भी भय नजर नही आता ये बड़े अचरज की बात है कि खुलेआम पट्टी बिछा कर,टोकरी में गोटियाँ उलट पलट कर जुआ खिलाने वाले इतने बेखौफ कैसे हो सकते हैं ? जाहिर सी बात है कि पुलिस प्रशासन के साथ अंदरूनी सेटिंग के बाद ही उनकी नाक के नीचे ऐसे जुए की महफ़िल बिना डर भय के सजती है ।

खुड़खुड़िया जुआ का मनोवैज्ञानिक पक्ष

खुड़खुड़िया जुए में लाखों हारने के बाद भी लोग क्यों इस जुए को खेलने बेकरार दिखते हैं इस पर जब हमने विशेषज्ञों से बात की तो उन्होंने बताया कि खुड़खुड़िया का कांसेप्ट ही ऐसा है कि देखकर हर आदमी को लगता है कि वो इसमे जीत सकता है । इस जुए को बनाया ही ऐसा गया है कि खिलाड़ी कभी न जीत पाए । इक्का दुक्का खिलाड़ी ही इसमे जीतेंगे क्योंकि इस खेल को खेलना शुरू करते ही मानसिकता ऐसी बनती है कि इसमें बड़ी रकम जीती जा सकती है फिर रकम डबल ट्रिपल करने के चक्कर में लोग अपना मूलधन भी गंवा बैठते है।

बहरहाल अब यह देखना होगा की क्षेत्र में कब तक खुड़खुड़िया जुआ चलता ही रहता है।

शेखर जायसवाल लैलूंगा

हीरालाल राठिया लैलूंगा

Website | + posts

Editor In Chief - k24news.co.in
Mo.7509127461

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.