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February 18, 2026

लैलूंगा-कोतबा रोड की ‘वेलकम पुलिया’ बनी मौत का फंदा! PWD विभाग की लापरवाही से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!

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लैलूंगा-कोतबा रोड की ‘वेलकम पुलिया’ बनी मौत का फंदा! PWD विभाग की लापरवाही से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!

लैलूंगा। लैलूंगा-कोतबा मुख्य मार्ग पर स्थित वेलकम पुलिया आज जनता के लिए “स्वागत नहीं, संकट का संकेत” बन चुकी है। कभी विकास का प्रतीक मानी जाने वाली यह पुलिया अब जर्जर, टूट-फूट और खतरे का ढेर बन चुकी है। रोजाना सैकड़ों दुपहिया और चौपहिया वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन पुलिया की दरारें, उखड़ी दीवारें और धंसी साइडें अब किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार करती नज़र आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस पुलिया की मरम्मत की मांग PWD विभाग से की गई, लेकिन विभाग के अधिकारी न तो मौके पर आते हैं और न ही किसी तरह का सुधार कार्य शुरू करते हैं। “कागज़ों में काम चालू” बताने वाले अधिकारी जमीनी हालात देखने की ज़हमत तक नहीं उठाते। अब जनता सवाल पूछ रही है — अगर कल कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?

ग्रामीणों ने बताया कि इस पुलिया से गुजरते वक्त उन्हें डर बना रहता है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी भयावह हो जाते हैं — मिट्टी धंसने लगती है, पुलिया पर फिसलन होती है और रात के समय कोई संकेतक या लाइट तक नहीं है। कई दुपहिया सवार पहले ही फिसलकर घायल हो चुके हैं।

अब जनता खुलकर कह रही है — “ये पुलिया नहीं, जान का जंजाल है।” प्रशासन और PWD दोनों की चुप्पी, अब लोगों के गुस्से को और भड़का रही है। सवाल यह है कि क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?

जनता की मांग है — वेलकम पुलिया की तत्काल मरम्मत, सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, अन्यथा आक्रोशित ग्रामीण आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

“जनता की आवाज़” अब सवाल पूछ रही है — जिम्मेदार कौन?”

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